श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 31: पाण्डवोंका द्वैपायनसरोवरपर जाना, वहाँ युधिष्ठिर और श्रीकृष्णकी बातचीत तथा तालाबमें छिपे हुए दुर्योधनके साथ युधिष्ठिरका संवाद  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  9.31.73 
एवं तु विविधा वाचो जययुक्ता: पुन: पुन:।
कीर्तयन्ति स्म ते वीरास्तत्र तत्र जनाधिप॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों! विजयी पाण्डव वहाँ बार-बार नाना प्रकार की बातें कहने लगे।
 
O lord of men! The victorious Pandavas began saying various things there again and again. 73.
 
इति श्रीमहाभारते शल्यपर्वान्तर्गतगदापर्वणि सुयोधनयुधिष्ठिरसंवादे एकत्रिंशोऽध्याय:॥ ३१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शल्यपर्वके अन्तर्गत गदापर्वमें दुर्योधन-युधिष्ठिरसंवादविषयक इकतीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३१॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)