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श्री महाभारत
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पर्व 9: शल्य पर्व
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अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना
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श्लोक 18-19h
श्लोक
9.3.18-19h
अद्यार्जुनं सगोविन्दं मानिनं च वृकोदरम्॥ १८॥
निहत्य शिष्टान् शत्रूंश्च कर्णस्यानृण्यमाप्नुयाम्।
अनुवाद
आज मैं श्रीकृष्ण, अर्जुन, भीमसेन और शेष शत्रुओं को मारकर कर्ण का ऋण चुका दूँगा।’ ॥18 1/2॥
Today I shall repay the debt of Karna by killing Sri Krishna, Arjuna, Bhimasena and the remaining enemies.' ॥18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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