श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 3: कर्णके मारे जानेपर पाण्डवोंके भयसे कौरव-सेनाका पलायन, सामना करनेवाले पचीस हजार पैदलोंका भीमसेनद्वारा वध तथा दुर्योधनका अपने सैनिकोंको समझा-बुझाकर पुन: पाण्डवोंके साथ युद्धमें लगाना  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  9.3.14-15h 
हतारोहास्तथा नागाश्छिन्नहस्तास्तथापरे॥ १४॥
सर्वं पार्थमयं लोकमपश्यन् वै भयार्दिता:।
 
 
अनुवाद
बहुत से हाथी सवार मारे गये, बहुत से हाथियों की सूंडें कट गईं, सब लोग भय से व्याकुल होकर सम्पूर्ण जगत को अर्जुन से भरा हुआ देख रहे थे।
 
Many elephant riders were killed, many elephants' trunks were cut off, everyone, overcome with fear, was seeing the entire world filled with Arjuna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)