श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना  »  श्लोक 104
 
 
श्लोक  9.29.104 
विदुर: सर्वधर्मज्ञो विक्लवेनान्तरात्मना।
विवेश नगरे राजन् नि:शश्वास शनै: शनै:॥ १०४॥
 
 
अनुवाद
राजा! सम्पूर्ण धर्मों के ज्ञाता विदुर जी अशांत मन से नगर में प्रवेश करके धीरे-धीरे गहरी साँसें लेने लगे॥104॥
 
King! Vidur ji, the knower of all the religions, entered the city with a restless mind and slowly started taking deep breaths. ॥104॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)