श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  9.27.1 
संजय उवाच
दुर्योधनो महाराज सुदर्शश्चापि ते सुत:।
हतशेषौ तदा संख्ये वाजिमध्ये व्यवस्थितौ॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - महाराज! उस समय आपके केवल दो पुत्र दुर्योधन और सुदर्शन ही जीवित बचे थे। वे दोनों ही घुड़सवारों के बीच खड़े थे।
 
Sanjaya says - Maharaj! At that time only two of your sons Duryodhan and Sudarshan survived. Both of them were standing among the horsemen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)