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mahabharat 9.24.28: जयद्रथ, बाह्लीक, सोमदत्त और अलायुध नामक राक्षस - ये सब मर गए, परन्तु फिर भी युद्ध की प्यास नहीं बुझी ॥ 28॥   |   mahabharat अध्याय 9.24: श्रीकृष्णके सम्मुख अर्जुनद्वारा दुर्योधनके दुराग्रहकी निन्दा और रथियोंकी सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.24.28 
जयद्रथे च निहते राक्षसे चाप्यलायुधे।
बाह्लिके सोमदत्ते च नैवाशाम्यत वैशसम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
जयद्रथ, बाह्लीक, सोमदत्त और अलायुध नामक राक्षस - ये सब मर गए, परन्तु फिर भी युद्ध की प्यास नहीं बुझी ॥ 28॥
 
‘Jaydrath, Bahlik, Somadatta and the demon Alayudha – all of them passed away, but still the thirst for war could not be quenched.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)