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mahabharat 9.24.1: संजय कहते हैं - हे राजन! जब पाण्डव योद्धाओं ने अधिकांश सेना को मार डाला और युद्ध का कोलाहल शांत हो गया, तब सुबलपुत्र शकुनि शेष बचे सात सौ घुड़सवारों को लेकर कौरव सेना के पास गया।   |   mahabharat अध्याय 9.24: श्रीकृष्णके सम्मुख अर्जुनद्वारा दुर्योधनके दुराग्रहकी निन्दा और रथियोंकी सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.24.1 
संजय उवाच
तस्मिन् शब्दे मृदौ जाते पाण्डवैर्निहते बले।
अश्वैै: सप्तशतै: शिष्टैरुपावर्तत सौबल:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! जब पाण्डव योद्धाओं ने अधिकांश सेना को मार डाला और युद्ध का कोलाहल शांत हो गया, तब सुबलपुत्र शकुनि शेष बचे सात सौ घुड़सवारों को लेकर कौरव सेना के पास गया।
 
Sanjaya says - O King! When the Pandava warriors had killed most of the army and the noise of the battle had subsided, then Subala's son Shakuni went near the Kaurava army with the remaining seven hundred horsemen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)