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श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  9.23.72 
अन्योन्यं प्रतिसंरब्धा: समासाद्य परस्परम्।
अहं पूर्वमहं पूर्वमिति न्यघ्नन् सहस्रश:॥ ७२॥
 
 
अनुवाद
दोनों पक्षों के योद्धा आपस में भिड़ गए और अत्यंत क्रोधित होकर 'पहले मैं, पहले मैं' चिल्लाते हुए हजारों सैनिकों का वध करने लगे।
 
The warriors of both sides clashed with each other and became extremely angry and started killing thousands of soldiers while shouting, 'I first, I first.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)