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श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  9.23.7 
त्रिभि: शारद्वतं विद्‍ध्वा रुक्मपुङ्खै: शिलाशितै:।
चतुर्भिर्निजघानाश्वान् नाराचै: कृतवर्मण:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने कृपाचार्य को तीन स्वर्ण पंख वाले बाणों से घायल कर दिया, जो शिला पर तीखे किये गये थे, तथा कृतवर्मा के घोड़ों को चार बाणों से मार गिराया।
 
He wounded Krupacharya with three arrows having golden feathers sharpened on a rock and killed Kritavarma's horses with four arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)