Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.23.51: महाराज! जब सारा युद्धक्षेत्र धूल से भर गया, तब हमने बहुत से घोड़ों और आदमियों को अन्धकार में भागते देखा। बहुत से योद्धा भूमि पर गिर पड़े और उनके मुख से बहुत अधिक रक्त उगल रहा था।   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  9.23.51 
अश्वान् राजन् मनुष्यांश्च रजसा संवृते सति।
भूमौ निपतिताश्चान्ये वमन्तो रुधिरं बहु॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
महाराज! जब सारा युद्धक्षेत्र धूल से भर गया, तब हमने बहुत से घोड़ों और आदमियों को अन्धकार में भागते देखा। बहुत से योद्धा भूमि पर गिर पड़े और उनके मुख से बहुत अधिक रक्त उगल रहा था।
 
King! As the entire battlefield was filled with dust, we saw many horses and men running away in the darkness. Many warriors fell on the ground and were vomiting a lot of blood from their mouths. 51.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)