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mahabharat 9.23.49: कई सैनिक आपस में टकरा गए और एक दूसरे से कुचल गए, तथा घायल हो गए तथा उनके मुंह से खून की उल्टी हो रही थी।   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  9.23.49 
अन्योन्यं परिपिष्टाश्च समासाद्य परस्परम्।
आविक्षता: स्म दृश्यन्ते वमन्तो रुधिरं मुखै:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
कई सैनिक आपस में टकरा गए और एक दूसरे से कुचल गए, तथा घायल हो गए तथा उनके मुंह से खून की उल्टी हो रही थी।
 
Many soldiers collided and were crushed against each other, and were seen wounded and vomiting blood from their mouths.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)