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श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  9.23.4 
तावकानां परेषां च देवासुररणोपमम्।
परेषां तव सैन्ये वा नासीत् कश्चित् पराङ्मुख:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
आपका और शत्रु योद्धाओं का वह युद्ध देवताओं और दानवों के बीच होने वाले युद्ध के समान भयंकर था। उस समय शत्रु या आपकी सेना में से कोई भी युद्ध से विमुख नहीं हुआ।
 
That battle between you and the enemy's warriors was as fierce as the battle between gods and demons. At that time, no one in the enemy's or your army turned away from the battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)