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mahabharat 9.23.1: संजय ने कहा: हे राजन! जब वह भयंकर युद्ध आरम्भ हुआ, तब पाण्डवों ने आपके पुत्र की सेना के पैर उखाड़ दिये।   |   mahabharat अध्याय 9.23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 23: कौरवपक्षके सात सौ रथियोंका वध, उभयपक्षकी सेनाओंका मर्यादाशून्य घोर संग्राम तथा शकुनिका कूट युद्ध और उसकी पराजय  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  9.23.1 
संजय उवाच
वर्तमाने तदा युद्धे घोररूपे भयानके।
अभज्यत बलं तत्र तव पुत्रस्य पाण्डवै:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा: हे राजन! जब वह भयंकर युद्ध आरम्भ हुआ, तब पाण्डवों ने आपके पुत्र की सेना के पैर उखाड़ दिये।
 
Sanjaya said: O King! When that terrible battle began, the Pandavas uprooted the feet of your son's army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)