श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 13: मद्रराज शल्यका अद्भुत पराक्रम  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  9.13.34 
स चतुर्भिर्महेष्वासै: पाण्डवानां महारथै:।
वृतस्तान् योधयामास मद्रराज: प्रतापवान्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
पाण्डव पक्ष के इन चार महाधनुर्धर योद्धाओं से घिरे हुए महाबली मद्रराज शल्य उन सबके साथ युद्ध कर रहे थे।
 
Surrounded by these four great archers and great warriors of the Pandava side, the mighty Madra king Shalya was fighting with them all.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)