श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 13: मद्रराज शल्यका अद्भुत पराक्रम  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  9.13.31 
ततो दुर्योधनो राजा दृष्ट्वा शल्यस्य विक्रमम्।
निहतान् पाण्डवान् मेने पञ्चालानथ सृञ्जयान्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
उस समय राजा दुर्योधन शल्य का पराक्रम देखकर सोचने लगा कि अब तो पाण्डव, पांचाल और संजय अवश्य ही मारे जायेंगे।
 
At that time King Duryodhana, seeing the valour of Shalya, began to think that now the Pandavas, the Panchalas and Sanjaya would certainly be killed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)