श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 10: नकुलद्वारा कर्णके तीन पुत्रोंका वध तथा उभयपक्षकी सेनाओंका भयानक युद्ध  »  श्लोक 51
 
 
श्लोक  9.10.51 
स हत: प्रापतद् राजन् नकुलेन महात्मना।
नदीवेगादिवारुग्णस्तीरज: पादपो महान्॥ ५१॥
 
 
अनुवाद
महाहृदयी नकुल के प्रहार से सुषेण पृथ्वी पर गिर पड़ा, मानो नदी के तट पर स्थित कोई विशाल वृक्ष नदी के वेग से कट गया हो ॥51॥
 
Sushen fell to the ground after being struck by the great-hearted Nakula, as if a huge tree on the bank of the river had been cut down by the force of the river. ॥ 51॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)