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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा
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श्लोक 46
श्लोक
8.96.46
संजय उवाच
एवं स बहुशो राजा प्रशशंस जनार्दनम्।
अर्जुनं च कुरुश्रेष्ठं धर्मराजो युधिष्ठिर:॥ ४६॥
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! इस प्रकार धर्मराज राजा युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण और कौरवों में श्रेष्ठ अर्जुन की बार-बार स्तुति की॥46॥
Sanjay says- Rajan! In this way, Dharmaraja King Yudhishthira repeatedly praised Lord Krishna and the best of Kurus, Arjuna. 46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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