श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 96: युधिष्ठिरका रणभूमिमें कर्णको मारा गया देखकर प्रसन्न हो श्रीकृष्ण और अर्जुनकी प्रशंसा करना, धृतराष्ट्रका शोकमग्न होना तथा कर्णपर्वके श्रवणकी महिमा  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.96.10 
धृष्टद्युम्नं युधामन्युं माद्रीपुत्रौ वृकोदरम्।
युयुधानं च गोविन्द इदं वचनमब्रवीत्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद गोविंद ने धृष्टद्युम्न, युधामन्यु, नकुल, सहदेव, भीमसेन और सत्य से इस प्रकार कहा- 10॥
 
After this, Govind spoke to Dhrishtadyumna, Yudhamanyu, Nakul, Sahadeva, Bhimsen and Satya thus - 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)