श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 94: शल्यके द्वारा रणभूमिका दिग्दर्शन, कौरव-सेनाका पलायन और श्रीकृष्ण तथा अर्जुनका शिविरकी ओर गमन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  8.94.9 
यशस्विभिर्नागरथाश्वयोधिभि:
पदातिभिश्चाभिमुखैर्हतै: परै:।
विशीर्णवर्माभरणाम्बरायुधै-
र्वृता प्रशान्तैरिव तावकैर्मही॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हाथी, रथ और घोड़ों पर सवार होकर लड़ने वाले प्रसिद्ध योद्धा और पैदल चलने वाले वीर योद्धा शत्रुओं के सामने लड़ते हुए मारे गए हैं। उनके कवच, आभूषण, वस्त्र और हथियार सब टुकड़े-टुकड़े होकर बिखर गए हैं। यह पृथ्वी मौन पड़े हुए आपके निर्जीव योद्धाओं से आच्छादित है॥9॥
 
The famous warriors fighting on elephants, chariots and horses and the brave warriors on foot have been killed by the enemy while fighting in front of them. Their armour, ornaments, clothes and weapons have all been torn to pieces and scattered. This earth is covered with your lifeless warriors lying in silence.॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)