Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.94.65: युद्धस्थल में शत्रुओं का संहार करने वाले वे दोनों वीर योद्धा श्रीकृष्ण और अर्जुन, अन्धकार का नाश करके, चन्द्रमा के समान निर्मल सूर्य और अर्जुन के समान प्रकाशित होकर आकाश में प्रकट हुए।   |   mahabharat अध्याय 8.94: शल्यके द्वारा रणभूमिका दिग्दर्शन, कौरव-सेनाका पलायन और श्रीकृष्ण तथा अर्जुनका शिविरकी ओर गमन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 94: शल्यके द्वारा रणभूमिका दिग्दर्शन, कौरव-सेनाका पलायन और श्रीकृष्ण तथा अर्जुनका शिविरकी ओर गमन  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  8.94.65 
समाचितौ कर्णशरै: परंतपा-
वुभौ व्यभातां समरेऽच्युतार्जुनौ।
तमो निहत्याभ्युदितौ यथामलौ
शशाङ्कसूर्यौ दिवि रश्मिमालिनौ॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
युद्धस्थल में शत्रुओं का संहार करने वाले वे दोनों वीर योद्धा श्रीकृष्ण और अर्जुन, अन्धकार का नाश करके, चन्द्रमा के समान निर्मल सूर्य और अर्जुन के समान प्रकाशित होकर आकाश में प्रकट हुए।
 
In the battle-field, those two brave warriors, Sri Krishna and Arjun, who were slaying the enemy, after destroying the darkness, rose in the sky, shining like the pure, moon-like Sun and Arjun.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)