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mahabharat 8.94.64: उस समय समस्त प्राणी उस महासमर में दो सूर्यों के समान प्रकाशित हो रहे अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण के पास आकर उनके कार्य की अनुमोदना करने लगे॥64॥   |   mahabharat अध्याय 8.94: शल्यके द्वारा रणभूमिका दिग्दर्शन, कौरव-सेनाका पलायन और श्रीकृष्ण तथा अर्जुनका शिविरकी ओर गमन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 94: शल्यके द्वारा रणभूमिका दिग्दर्शन, कौरव-सेनाका पलायन और श्रीकृष्ण तथा अर्जुनका शिविरकी ओर गमन  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  8.94.64 
महाहवे तं बहु रोचमानं
धनंजयं भूतगणा: समेता:।
तदान्वमोदन्त जनार्दनं च
दिवाकरावभ्युदितौ यथैव॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
उस समय समस्त प्राणी उस महासमर में दो सूर्यों के समान प्रकाशित हो रहे अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण के पास आकर उनके कार्य की अनुमोदना करने लगे॥64॥
 
At that time, all the living beings came to Arjuna and Lord Krishna, who were shining like two suns in that great battle, and started approving their work. 64॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)