श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 94: शल्यके द्वारा रणभूमिका दिग्दर्शन, कौरव-सेनाका पलायन और श्रीकृष्ण तथा अर्जुनका शिविरकी ओर गमन  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  8.94.61 
वित्रस्ताश्चाभवन् सर्वे कौरवा राजसत्तम।
शङ्खशब्देन तेनाथ माधवस्यार्जुनस्य च॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
हे श्रेष्ठ! श्रीकृष्ण और अर्जुन के शंख की ध्वनि से समस्त कौरव भयभीत हो गए॥61॥
 
The best! All the Kauravas became frightened by the sound of the conch of Shri Krishna and Arjun. 61॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)