श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 94: शल्यके द्वारा रणभूमिका दिग्दर्शन, कौरव-सेनाका पलायन और श्रीकृष्ण तथा अर्जुनका शिविरकी ओर गमन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.94.1 
संजय उवाच
दृष्ट्वा तु सैन्यं परिवर्त्यमानं
पुत्रेण ते मद्रपतिस्तदानीम्।
संत्रस्तरूप: परिमूढचेता
दुर्योधनं वाक्यमिदं बभाषे॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं: हे राजन! आपके पुत्र को सेना को पीछे हटाने का प्रयत्न करते देख, भयभीत और व्याकुल हुए मद्रराज शल्य ने दुर्योधन से इस प्रकार कहा।
 
Sanjaya says: O King! Seeing your son trying to turn back the army, the Madra king Shalya, who was frightened and perplexed, spoke to Duryodhan as follows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)