Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.91.31-32h: इसी बीच अवसर पाकर महारथी कर्ण ने भूमि में धँसे हुए पहिये को निकालने का विचार किया। वह रथ से कूद पड़ा और दोनों हाथों से उसे पकड़कर ऊपर उठाने का प्रयत्न किया; किन्तु अत्यन्त शक्तिशाली होने पर भी भाग्य के कारण वह अपने प्रयत्न में सफल नहीं हो सका। | mahabharat अध्याय 8.91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी बीच अवसर पाकर महारथी कर्ण ने भूमि में धँसे हुए पहिये को निकालने का विचार किया। वह रथ से कूद पड़ा और दोनों हाथों से उसे पकड़कर ऊपर उठाने का प्रयत्न किया; किन्तु अत्यन्त शक्तिशाली होने पर भी भाग्य के कारण वह अपने प्रयत्न में सफल नहीं हो सका।
Meanwhile, finding an opportunity, the mighty charioteer Karna thought of pulling out the wheel that was stuck in the ground. He jumped off the chariot and tried to lift it up by holding it with both hands; but despite being very powerful, he was not successful in his attempt due to fate. 31 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥