श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  8.91.18 
एवमुक्तस्तु देवेन क्रोधमागात्तदार्जुन:।
मन्युमभ्याविशद् घोरं स्मृत्वा तत्तु धनंजय:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
भगवान् के ऐसा कहने पर अर्जुन कर्ण पर अत्यन्त क्रोधित हो गया और अपने पूर्वकृत दुष्कर्मों का स्मरण करके उसके मन में भयंकर क्रोध उत्पन्न हो गया॥18॥
 
Arjuna became extremely angry with Karna when the Lord said this. Remembering his past misdeeds, a terrible fury arose in his mind.॥ 18॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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