श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 91: भगवान् श्रीकृष्णका कर्णको चेतावनी देना और कर्णका वध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.91.10 
राज्यलुब्ध: पुन: कर्ण समाव्यथसि पाण्डवान्।
यदा शकुनिमाश्रित्य क्व ते धर्मस्तदा गत:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
कर्ण! फिर जब तुमने राज्य के लोभ में आकर शकुनि की सलाह से पाण्डवों को जुआ खेलने के लिए बुलाया, उस समय तुम्हारा धर्म कहाँ चला गया था?
 
Karna! Then when you, lured by the kingdom, called the Pandavas for gambling as per the advice of Shakuni, where did your Dharma go at that time?
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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