Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.89.d6: संजय कहते हैं - हे राजन! आपके पुत्र के ऐसा कहने पर भी वे योद्धा वहाँ खड़े न रह सके। अर्जुन के बाणों से उन्हें बड़ी पीड़ा हो रही थी। भय के कारण उनकी कान्ति फीकी पड़ गई थी; अतः वे क्षण भर में ही सभी दिशाओं और कोनों में जाकर छिप गए। | mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय कहते हैं - हे राजन! आपके पुत्र के ऐसा कहने पर भी वे योद्धा वहाँ खड़े न रह सके। अर्जुन के बाणों से उन्हें बड़ी पीड़ा हो रही थी। भय के कारण उनकी कान्ति फीकी पड़ गई थी; अतः वे क्षण भर में ही सभी दिशाओं और कोनों में जाकर छिप गए।
Sanjaya says - O King! Even after your son said this, those warriors could not stand there. They were in great pain due to Arjuna's arrows. Their radiance had faded due to fear; therefore, in a moment they went and hid in all directions and their corners.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥