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mahabharat 8.89.9: जब अर्जुन ने कर्ण को मारने के इरादे से उस पर आक्रमण किया, जैसे एक पागल हाथी दूसरे हाथी पर आक्रमण करता है, तब दर्शक हर्ष से गर्जने लगे और हाथ उठाकर अंगुलियों में पकड़े हुए वस्त्रों को लहराने लगे॥9॥   |   mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  8.89.9 
भुजा: सवस्त्राङ्गुलय: समुच्छ्रिता:
ससिंहनादैर्हृषितैर्दिदृक्षुभि:।
यदर्जुनो मत्त इव द्विपो द्विपं
समभ्ययादाधिरथिं जिघांसया॥ ९॥
 
 
अनुवाद
जब अर्जुन ने कर्ण को मारने के इरादे से उस पर आक्रमण किया, जैसे एक पागल हाथी दूसरे हाथी पर आक्रमण करता है, तब दर्शक हर्ष से गर्जने लगे और हाथ उठाकर अंगुलियों में पकड़े हुए वस्त्रों को लहराने लगे॥9॥
 
When Arjuna attacked Karna with the intention of killing him, just as a mad elephant attacks another elephant, the spectators roared in joy and raised their hands and began waving clothes held in their fingers.॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)