Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.89.69-70h: वे दोनों श्रेष्ठ धनुर्धर, अत्यन्त बलवान, समस्त शत्रुओं का सामना करने में समर्थ और शस्त्रविद्या के ज्ञाता थे; अतः वे महान् शस्त्रों द्वारा भयंकर शत्रु सेना को तथा एक-दूसरे को भी घायल करने लगे। 69 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन  »  श्लोक 69-70h
 
 
श्लोक  8.89.69-70h 
तावुत्तमौ सर्वधनुर्धराणां
महाबलौ सर्वसपत्नसाहौ॥ ६९॥
निजघ्नतुश्चाहितसैन्यमुग्र-
मन्योन्यमप्यस्त्रविदौ महास्त्रै:।
 
 
अनुवाद
वे दोनों श्रेष्ठ धनुर्धर, अत्यन्त बलवान, समस्त शत्रुओं का सामना करने में समर्थ और शस्त्रविद्या के ज्ञाता थे; अतः वे महान् शस्त्रों द्वारा भयंकर शत्रु सेना को तथा एक-दूसरे को भी घायल करने लगे। 69 1/2॥
 
Both of them were the best archers, very powerful, capable of facing all the enemies and knowledgeable in weaponry; Therefore, they started wounding the fierce enemy army and also each other with great weapons. 69 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)