Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.89.51: भगवान् श्रीकृष्ण से ऐसा कहकर सर्वज्ञ आत्मा अर्जुन ने ब्रह्माजी को नमस्कार करके उस असह्य एवं उत्तम ब्रह्मास्त्र को प्रकट किया, जिसका प्रयोग केवल मन द्वारा ही किया जाता है ॥51॥ | mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान् श्रीकृष्ण से ऐसा कहकर सर्वज्ञ आत्मा अर्जुन ने ब्रह्माजी को नमस्कार करके उस असह्य एवं उत्तम ब्रह्मास्त्र को प्रकट किया, जिसका प्रयोग केवल मन द्वारा ही किया जाता है ॥51॥
Saying this to Lord Shri Krishna, Arjun, the omniscient soul, after saluting Lord Brahma, revealed that unbearable and excellent Brahmastra, which is used only by the mind. 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥