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mahabharat 8.89.14: तत्पश्चात् भयंकर धनुष धारण करने वाले अर्जुन ने अपनी दोनों भुजाएँ और गाण्डीव धनुष पोंछकर नाराच, नालिका, वराहकर्ण, क्षुर, अंजलीक और अर्धचन्द्र आदि बाण चलाने आरम्भ किए॥14॥   |   mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  8.89.14 
ततोऽर्जुन: प्रासृजदुग्रधन्वा
भुजावुभौ गाण्डिवं चानुमृज्य।
नाराचनालीकवराहकर्णान्
क्षुरांस्तथा साञ्जलिकार्धचन्द्रान्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भयंकर धनुष धारण करने वाले अर्जुन ने अपनी दोनों भुजाएँ और गाण्डीव धनुष पोंछकर नाराच, नालिका, वराहकर्ण, क्षुर, अंजलीक और अर्धचन्द्र आदि बाण चलाने आरम्भ किए॥14॥
 
After that, Arjuna, wielding the fierce bow, wiped both his arms and the Gandiva bow and started shooting arrows like Naarach, Naalika, Varahakarna, Kshur, Anjalik and Ardhachandra etc. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)