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mahabharat 8.89.12: तत्पश्चात् कर्ण ने पहले अर्जुन को दस विशाल बाणों से घायल किया, फिर अर्जुन ने भी मुस्कुराते हुए कर्ण की बगल को दस तीखे बाणों से छेद दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 89: कर्ण और अर्जुनका भयंकर युद्ध और कौरववीरोंका पलायन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  8.89.12 
तत: कर्ण: प्रथमं तत्र पार्थं
महेषुभिर्दशभि: प्रत्यविध्यत्।
तं चार्जुन: प्रत्यविद्धॺच्छिताग्रै:
कक्षान्तरे दशभि: सम्प्रहस्य॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् कर्ण ने पहले अर्जुन को दस विशाल बाणों से घायल किया, फिर अर्जुन ने भी मुस्कुराते हुए कर्ण की बगल को दस तीखे बाणों से छेद दिया।
 
Thereafter Karna first pierced Arjuna with ten huge arrows, then Arjuna too smilingly pierced Karna's armpit with ten sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)