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mahabharat 8.88.d6: तुम्हारा कल्याण हो; यदि तुम जीवित रहोगे, तभी राज्य और धन पा सकोगे। हे कुरुपुत्र! मरे हुए को राज्य नहीं मिलता, तो फिर सुख कैसे मिलेगा?   |   mahabharat अध्याय 8.88: अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका संहार, अश्वत्थामाका दुर्योधनसे संधिके लिये प्रस्ताव और दुर्योधनद्वारा उसकी अस्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  8.88.d6 
राज्यं श्रीश्चैव भद्रं ते जीवमाने तु कल्पते॥
मृतस्य खलु कौरव्य नैव राज्यं कुत: सुखम्।
 
 
अनुवाद
तुम्हारा कल्याण हो; यदि तुम जीवित रहोगे, तभी राज्य और धन पा सकोगे। हे कुरुपुत्र! मरे हुए को राज्य नहीं मिलता, तो फिर सुख कैसे मिलेगा?
 
‘May you be blessed; if you remain alive, then only you can get the kingdom and wealth. O son of Kuru! The dead do not get the kingdom, then how can they get happiness?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)