Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.88.9-10h: दोनों दलों के मृदंग, भेरी, पणव और आनक आदि बाजे की ध्वनि के साथ वे दोनों पुरुषश्रेष्ठ गर्जना कर रहे थे। उस समय वे दोनों पुरुषरत्न बादलों की गम्भीर गर्जना के साथ उदित होते हुए चन्द्रमा और सूर्य के समान चमक रहे थे। | mahabharat अध्याय 8.88: अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका संहार, अश्वत्थामाका दुर्योधनसे संधिके लिये प्रस्ताव और दुर्योधनद्वारा उसकी अस्वीकृति । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दोनों दलों के मृदंग, भेरी, पणव और आनक आदि बाजे की ध्वनि के साथ वे दोनों पुरुषश्रेष्ठ गर्जना कर रहे थे। उस समय वे दोनों पुरुषरत्न बादलों की गम्भीर गर्जना के साथ उदित होते हुए चन्द्रमा और सूर्य के समान चमक रहे थे।
The two best of men were roaring loudly with the sound of the instruments like Mridanga, Bheri, Panava and Aanaka etc. from both the groups. At that time, the two gems of men were shining like the moon and the sun rising with the deep roar of the clouds. 9 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥