Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.88.18-19h: तत्पश्चात् आकाश में प्रसन्न दर्शकों द्वारा धन्यवाद देने के साथ-साथ दिव्य वाद्य भी बजने लगे। वायु की प्रेरणा से वहाँ सुन्दर सुगन्धित एवं मनोहर पुष्पों की वर्षा होने लगी। 18 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.88: अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका संहार, अश्वत्थामाका दुर्योधनसे संधिके लिये प्रस्ताव और दुर्योधनद्वारा उसकी अस्वीकृति । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् आकाश में प्रसन्न दर्शकों द्वारा धन्यवाद देने के साथ-साथ दिव्य वाद्य भी बजने लगे। वायु की प्रेरणा से वहाँ सुन्दर सुगन्धित एवं मनोहर पुष्पों की वर्षा होने लगी। 18 1/2॥
Thereafter, along with giving thanks, divine musical instruments also started being played by the jubilant spectators in the sky. Due to the inspiration of wind, beautiful fragrant and beautiful flowers started raining there. 18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥