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mahabharat 8.88.14-15h: महाराज! तदनन्तर दुर्योधन, कृतवर्मा, शकुनि, शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य तथा कर्ण- ये पाँच महारथी शरीर पर चोट पहुँचाने वाले बाणों से श्रीकृष्ण तथा अर्जुन को घायल करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.88: अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका संहार, अश्वत्थामाका दुर्योधनसे संधिके लिये प्रस्ताव और दुर्योधनद्वारा उसकी अस्वीकृति   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 88: अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका संहार, अश्वत्थामाका दुर्योधनसे संधिके लिये प्रस्ताव और दुर्योधनद्वारा उसकी अस्वीकृति  »  श्लोक 14-15h
 
 
श्लोक  8.88.14-15h 
ततस्तु दुर्योधनभोजसौबला:
कृपेण शारद्वतसूनुना सह॥ १४॥
महारथा: पञ्च धनंजयाच्युतौ
शरै: शरीरार्तिकरैरताडयन्।
 
 
अनुवाद
महाराज! तदनन्तर दुर्योधन, कृतवर्मा, शकुनि, शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य तथा कर्ण- ये पाँच महारथी शरीर पर चोट पहुँचाने वाले बाणों से श्रीकृष्ण तथा अर्जुन को घायल करने लगे।
 
Maharaj! Thereafter Duryodhana, Kritavarma, Shakuni, Sharadvan's son Kripacharya and Karna - these five great warriors started wounding Shri Krishna and Arjun with arrows that hurt the body.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)