श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता  »  श्लोक d11
 
 
श्लोक  8.87.d11 
विमानानि विचित्राणि गुणवन्ति च सर्वश:।
समारुह्य समाजग्मुर्द्वैरथं कर्णपार्थयो:॥ )
 
 
अनुवाद
वे सभी विचित्र और सुन्दर विमानों पर बैठकर कर्ण और अर्जुन का द्वन्द्वयुद्ध देखने आये थे।
 
All of them had come to watch the duel between Karna and Arjun, sitting on strange and beautiful planes.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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