श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  8.87.79 
नरनारायणावेतौ पुराणावृषिसत्तमौ।
अनियम्यौ नियन्तारावेतौ तस्मात् परंतपौ॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
ये प्राचीन महर्षि नर और नारायण हैं; इन पर कोई शासन नहीं कर सकता। ये सबके नियन्ता हैं; अतः ये अपने शत्रुओं को भी पीड़ा पहुँचाने में समर्थ हैं॥ 79॥
 
‘These are the ancient great sages Nara and Narayana; nobody can rule over them. They are the controllers of all; hence they are capable of tormenting their enemies.॥ 79॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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