श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 87: कर्ण और अर्जुनका द्वैरथयुद्धमें समागम, उनकी जय-पराजयके सम्बन्धमें सब प्राणियोंका संशय, ब्रह्मा और महादेवजीद्वारा अर्जुनकी विजय-घोषणा तथा कर्णकी शल्यसे और अर्जुनकी श्रीकृष्णसे वार्ता  »  श्लोक 104
 
 
श्लोक  8.87.104 
संजय उवाच
एवमेव तु गोविन्दमर्जुन: प्रत्यभाषत।
तं प्रहस्याब्रवीत् कृष्ण: सत्यं पार्थमिदं वच:॥ १०४॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - राजन ! अर्जुन ने भी इसी प्रकार श्रीकृष्ण से पूछा था। तब श्रीकृष्ण ने मुस्कुराकर अर्जुन से सत्य कहा - ॥104॥
 
Sanjaya says - King! Arjuna also asked Shri Krishna in the same manner. Then Shri Krishna smiled and told Arjuna the truth -॥104॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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