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श्लोक 8.87.104  |
संजय उवाच
एवमेव तु गोविन्दमर्जुन: प्रत्यभाषत।
तं प्रहस्याब्रवीत् कृष्ण: सत्यं पार्थमिदं वच:॥ १०४॥ |
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| अनुवाद |
| संजय कहते हैं - राजन ! अर्जुन ने भी इसी प्रकार श्रीकृष्ण से पूछा था। तब श्रीकृष्ण ने मुस्कुराकर अर्जुन से सत्य कहा - ॥104॥ |
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| Sanjaya says - King! Arjuna also asked Shri Krishna in the same manner. Then Shri Krishna smiled and told Arjuna the truth -॥104॥ |
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