Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.83.9: उस भीषण युद्ध में भीमसेन ने उन्मत्त हाथी के समान घावों से लहू बहाते हुए अपनी गदा से दु:शासन को गिरा दिया और बलपूर्वक उसे दस धनुष (चालीस हाथ) पीछे धकेल दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.83: भीमद्वारा दु:शासनका रक्तपान और उसका वध, युधामन्युद्वारा चित्रसेनका वध तथा भीमका हर्षोद्‍गार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 83: भीमद्वारा दु:शासनका रक्तपान और उसका वध, युधामन्युद्वारा चित्रसेनका वध तथा भीमका हर्षोद्‍गार  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  8.83.9 
स विक्षरन् नाग इव प्रभिन्नो
गदामस्मै तुमुले प्राहिणोद् वै।
तयाहरद् दश धन्वन्तराणि
दु:शासनं भीमसेन: प्रसह्य॥ ९॥
 
 
अनुवाद
उस भीषण युद्ध में भीमसेन ने उन्मत्त हाथी के समान घावों से लहू बहाते हुए अपनी गदा से दु:शासन को गिरा दिया और बलपूर्वक उसे दस धनुष (चालीस हाथ) पीछे धकेल दिया।
 
In that violent battle Bhimasena, bleeding from his wounds like an elephant intoxicated with madness, threw Dushasan with his mace, and with that he forcibly pushed him back ten bows (forty hands).
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)