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mahabharat 8.83.3-4h: तब क्रोधित भीमसेन ने आपके पुत्र पर एक भयंकर बाण चलाया। उस भयंकर बाण को प्रज्वलित उल्का के समान सहसा अपनी ओर आता देख, आपके महामनस्वी पुत्र ने अपने कानों से छोड़े हुए दस बाणों से उसे काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 8.83: भीमद्वारा दु:शासनका रक्तपान और उसका वध, युधामन्युद्वारा चित्रसेनका वध तथा भीमका हर्षोद्‍गार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 83: भीमद्वारा दु:शासनका रक्तपान और उसका वध, युधामन्युद्वारा चित्रसेनका वध तथा भीमका हर्षोद्‍गार  »  श्लोक 3-4h
 
 
श्लोक  8.83.3-4h 
तत: क्रुद्धो भीमसेनस्तरस्वी
शक्तिं चोग्रां प्राहिणोत् ते सुताय।
तामापतन्तीं सहसातिघोरां
दृष्ट्वा सुतस्ते ज्वलितामिवोल्काम्॥ ३॥
आकर्णपूर्णैरिषुभिर्महात्मा
चिच्छेद पुत्रो दशभि: पृषत्कै:।
 
 
अनुवाद
तब क्रोधित भीमसेन ने आपके पुत्र पर एक भयंकर बाण चलाया। उस भयंकर बाण को प्रज्वलित उल्का के समान सहसा अपनी ओर आता देख, आपके महामनस्वी पुत्र ने अपने कानों से छोड़े हुए दस बाणों से उसे काट डाला।
 
Then the furious Bhimasena shot a terrible arrow at your son. Seeing that terrible arrow suddenly coming towards him like a blazing meteor, your great-minded son cut it down with ten arrows that he shot from his ears.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)