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mahabharat 8.83.12: इस प्रकार दु:शासन का वध करके वृकोदर भीम अत्यन्त प्रसन्न होकर बड़ी गर्जना करने लगे, जिससे सब ओर गूँजने लगी। हे अजमीढ़वंश के राजा! उस गर्जना से भयभीत होकर आस-पास खड़े सभी योद्धा मूर्छित हो गए।॥12॥   |   mahabharat अध्याय 8.83: भीमद्वारा दु:शासनका रक्तपान और उसका वध, युधामन्युद्वारा चित्रसेनका वध तथा भीमका हर्षोद्‍गार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 83: भीमद्वारा दु:शासनका रक्तपान और उसका वध, युधामन्युद्वारा चित्रसेनका वध तथा भीमका हर्षोद्‍गार  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  8.83.12 
तं पातयित्वाथ वृकोदरोऽथ
जगर्ज हर्षेण विनादयन् दिश:।
नादेन तेनाखिलपार्श्ववर्तिनो
मूर्च्छाकुला: पतितास्त्वाजमीढ॥ १२॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार दु:शासन का वध करके वृकोदर भीम अत्यन्त प्रसन्न होकर बड़ी गर्जना करने लगे, जिससे सब ओर गूँजने लगी। हे अजमीढ़वंश के राजा! उस गर्जना से भयभीत होकर आस-पास खड़े सभी योद्धा मूर्छित हो गए।॥12॥
 
Having thus slain Dushasan, Vrikodar Bhima, overjoyed, began to roar loudly, echoing in all directions. O King of the Ajamidh dynasty! Frightened by that roar, all the warriors standing nearby fell unconscious.॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)