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mahabharat 8.82.23: जैसे समुद्र में डूबती हुई नावें अन्य नावों द्वारा डूबते हुए व्यापारियों को बचा लिया जाता है, उसी प्रकार द्रौपदी के पुत्रों ने युद्ध के उपकरणों से सुसज्जित रथों की सहायता से कर्ण के रूप में समुद्र में डूब रहे अपने चाचाओं को बचा लिया।   |   mahabharat अध्याय 8.82: सात्यकिके द्वारा कर्णपुत्र प्रसेनका वध, कर्णका पराक्रम और दु:शासन एवं भीमसेनका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 82: सात्यकिके द्वारा कर्णपुत्र प्रसेनका वध, कर्णका पराक्रम और दु:शासन एवं भीमसेनका युद्ध  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  8.82.23 
निमज्जतस्तानथ कर्णसागरे
विपन्ननावो वणिजो यथार्णवे।
उद्दध्रिरे नौभिरिवार्णवाद् रथै:
सुकल्पितैर्द्रौपदिजा: स्वमातुलान्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
जैसे समुद्र में डूबती हुई नावें अन्य नावों द्वारा डूबते हुए व्यापारियों को बचा लिया जाता है, उसी प्रकार द्रौपदी के पुत्रों ने युद्ध के उपकरणों से सुसज्जित रथों की सहायता से कर्ण के रूप में समुद्र में डूब रहे अपने चाचाओं को बचा लिया।
 
Just as drowning merchants whose boats have capsized in the ocean are rescued by other boats, so the sons of Draupadi rescued their uncles, who were drowning in the ocean of Karna, with the help of chariots decorated with war equipment.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)