Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.79.95: महाराज! उस महायुद्ध में महाबुद्धिमान योद्धाओं ने एक-दूसरे पर बाण चलाकर अन्धकार फैला दिया था। चारों दिशाएँ, अन्तरदिशाएँ तथा सूर्य का तेज भी उस अन्धकार से आच्छादित हो गया था॥ 95॥ | mahabharat अध्याय 8.79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! उस महायुद्ध में महाबुद्धिमान योद्धाओं ने एक-दूसरे पर बाण चलाकर अन्धकार फैला दिया था। चारों दिशाएँ, अन्तरदिशाएँ तथा सूर्य का तेज भी उस अन्धकार से आच्छादित हो गया था॥ 95॥
Maharaj! In that great war, the great warriors with great minds spread darkness by shooting arrows at each other. All the four directions, the sub-directions and even the radiance of the Sun were covered by that darkness.॥ 95॥
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि संकुलयुद्धे एकोनाशीतितमोऽध्याय:॥ ७९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें संकुलयुद्धविषयक उन्यासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७९॥
(दाक्षिणात्य अधिक पाठके ३ श्लोक मिलाकर कुल ९८ श्लोक हैं।)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥