Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.79.8-9h: जनार्दन! ये पांचालयोद्धा कर्ण के भय से भाग रहे हैं। ये राजा दुर्योधन हैं, जिनके ऊपर श्वेत छत्र है और वे उन पांचालों को भगाते हुए अत्यंत शोभायमान हो रहे हैं, जिनके पैर कर्ण ने उखाड़ दिए थे।   |   mahabharat अध्याय 8.79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 8-9h
 
 
श्लोक  8.79.8-9h 
एते द्रवन्ति पञ्चाला: कर्णत्रस्ता जनार्दन।
एष दुर्योधनो राजा श्वेतच्छत्रेण धार्यता॥ ८॥
कर्णेन भग्नान् पञ्चालान् द्रावयन् बहु शोभते।
 
 
अनुवाद
जनार्दन! ये पांचालयोद्धा कर्ण के भय से भाग रहे हैं। ये राजा दुर्योधन हैं, जिनके ऊपर श्वेत छत्र है और वे उन पांचालों को भगाते हुए अत्यंत शोभायमान हो रहे हैं, जिनके पैर कर्ण ने उखाड़ दिए थे।
 
Janardan! These Panchalayoddhas are running away in fear of Karna. This is King Duryodhana who has a white umbrella held over him and he is looking very handsome while chasing away those Panchalas whose feet were uprooted by Karna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)