Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.79.64: शल्य! इस प्रकार जो वीर गुणों से युक्त हैं, श्रीकृष्ण की सहायता प्राप्त हैं और क्षत्रियों में श्रेष्ठ हैं, उनको युद्ध के लिए ललकारना सम्पूर्ण जगत के लिए बड़े साहस का कार्य है; यह मैं स्वयं भी जानता हूँ॥64॥   |   mahabharat अध्याय 8.79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 79: अर्जुनका कौरव-सेनाका विनाश करके खूनकी नदी बहा देना और अपना रथ कर्णके पास ले चलनेके लिये भगवान् श्रीकृष्णसे कहना तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनको आते देख शल्य और कर्णकी बातचीत तथा अर्जुनद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  8.79.64 
तमीदृशं वीर्यगुणोपपन्नं
कृष्णद्वितीयं परमं नृपाणाम्।
तमाह्वयन् साहसमुत्तमं वै
जाने स्वयं सर्वलोकस्य शल्य॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
शल्य! इस प्रकार जो वीर गुणों से युक्त हैं, श्रीकृष्ण की सहायता प्राप्त हैं और क्षत्रियों में श्रेष्ठ हैं, उनको युद्ध के लिए ललकारना सम्पूर्ण जगत के लिए बड़े साहस का कार्य है; यह मैं स्वयं भी जानता हूँ॥64॥
 
Surgical! In this way, it is an act of great courage for the entire world to challenge those who are full of heroic qualities, have the help of Shri Krishna and are the best among the Kshatriyas, for war; I myself also know this. 64॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)