श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 78: कर्णके द्वारा पाण्डव-सेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  8.78.64 
एवमेष क्षयो वृत्त: पाण्डवानां ततस्तत:।
तावकानामपि रणे भीमं प्राप्य महाबलम्॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार कर्ण को पाकर पाण्डव योद्धा जहाँ-तहाँ मारे गये और महाबली भीमसेन को पाकर आपके योद्धाओं का भी युद्धस्थल में महान विनाश हुआ।
 
In this way, on finding Karna, the Pandava warriors were killed everywhere. And on finding the mighty Bhimasena, your warriors also suffered great destruction on the battlefield.
 
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि संकुलयुद्धेऽष्टसप्ततितमोऽध्याय:॥ ७८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें संकुलयुद्धविषयक अठहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ७८॥

 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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