श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 78: कर्णके द्वारा पाण्डव-सेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  8.78.14 
तत: शरशतैस्तीक्ष्णै: कर्ण आकर्णनि:सृतै:।
जघान पाण्डवबलं शतशोऽथ सहस्रश:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् कर्ण ने अपने कानों के सिरे निकालकर सैकड़ों तीखे बाण चलाकर पाण्डव सेना के सैकड़ों-हजारों योद्धाओं को मार डाला॥14॥
 
Thereafter Karna, by pulling out his ear-tips, shot hundreds of sharp arrows and killed hundreds and thousands of warriors of the Pandava army.॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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