श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 77: अर्जुन और भीमसेनके द्वारा कौरव-सेनाका संहार तथा भीमसेनसे शकुनिकी पराजय एवं दुर्योधनादि धृतराष्ट्रपुत्रोंका सेनासहित भागकर कर्णका आश्रय लेना  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  8.77.47 
एवं दृष्ट्वा कृतं कर्म भीमसेनेन संयुगे।
दुर्योधनो महाराज शकुनिं वाक्यमब्रवीत्॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! भीमसेन द्वारा युद्धस्थल में किए गए ऐसे कर्मों को देखकर दुर्योधन ने शकुनि से कहा-॥47॥
 
Maharaj! Seeing such deeds done by Bhimasena on the battlefield, Duryodhana said to Shakuni -॥ 47॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)