| श्री महाभारत » पर्व 8: कर्ण पर्व » अध्याय 76: भीमसेनका अपने सारथि विशोकसे संवाद » श्लोक 26 |
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| | | | श्लोक 8.76.26  | एते द्रवन्ति स्म रथाश्वनागा:
पदातिसङ्घानतिमर्दयन्त:।
सम्मुह्यमाना: कौरवा: सर्व एव
द्रवन्ति नागा इव दाहभीता:॥ २६॥ | | | | | | अनुवाद | | ये रथ, घोड़े और हाथी पैदल सेना को रौंदते हुए भाग रहे हैं। प्रायः सभी कौरव, दावानल से भयभीत हाथियों के समान अचेत होकर भाग रहे हैं॥ 26॥ | | | | These chariots, horses and elephants are running away trampling the infantry. Almost all the Kauravas are fleeing unconscious like elephants frightened by the burning of a forest fire.॥ 26॥ | | ✨ ai-generated | | |
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